Thursday, September 3, 2026

Generation Gap

 Generation Gap

एक माह के अंदर नौसेना से सेवा निवृत्त दो भाइयों से मिलना हुआ । दोनों ही बैंक के कार्मिक । शायद दोनों ही हमसे बहुत ही जूनियर । पुराने दिनों में जब कभी किसी नेवी वाले जूनियर या सीनियर से मिलना हुआ करता था तो एक आत्मीयता सी रहती थी, एक अपनी नेवी की बोली, उदाहरण के लिए और गांव वाले कैसा है ? कहां से है कब आता वगैरह । शायद हमारे समय का माहौल कुछ और था, हमारे बाद जो भी लोग भर्ती हुए शायद मन में एक लक्ष्य लेकर गए हैं कि 15 साल बाद आना है और यह करना है । 

हम लोगों ने शायद अपने आपको परिस्थितियों के सहारे छोड़ दिया था कि लहरें जिधर ले जाएंगी चल देंगे, किनारे पटक देंगी तो फिर से उठ कर चल देंगे । यानी बस इतना था कि बाहर जाना है और कुछ ना कुछ तो कर ही लेंगे । हमारे बाद की पीढ़ी ने शायद अपने आपको भाग्य और नियति के भरोसे नहीं छोड़ा, एक प्रोफेशनल लाइफ वहां भी जी और आते ही यहां सिविल।की लाइफ़ में भी एडजेस्ट हो गए । उनकी बोली, भाषा और हाव भाव से कहीं भी महसूस नहीं हुआ कि ये अभी हाल ही में फ़ौज से आए हैं जबकि लोग हमको तो आज भी बोल देते हैं वो देखो फौजी BEO। खैर शायद मैं ही बहुत पिछड़े से माहौल में पिछड़ा सा जीवन जी रहा हूं इसलिए डरते डरते उन्हें भी सर बोलता हूं कि कहीं नाराज ना हो जाएं और ये ना सोच लें कि नेवी वाला होने का एडवांटेज ले रहा है ये बुढ़ऊ ।

हो सकता है हमारे जो लास्ट वेव के साथी हैं उनको भी ऐसा कुछ लगता होगा कि यार हमारे टाइम के जूनियर ऐसे नहीं हुआ करते थे और हम खुद भी जब जूनियर थे तो इनके जितने प्रोफेशनल नहीं थे ।

शायद ऐसा ही कुछ हमसे पहले रिटायर होकर जाने वाले सोच कर गए होंगे जब हम 1990 में भर्ती होकर गए ।

शायद इसे ही जेनरेशन गैप बोलते होंगे ।
 पता नहीं कि वह आत्मीयता भरा शब्द गांव वाला आज की नेवी में चलन में है भी या नहीं ।